लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को बंद और दोबारा चालू किया जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या अब ATM मशीनें भी उसी तरह प्रभावित हो सकती हैं, जैसे हाल में ई-रिक्शा को लेकर BAT-BMS ऐप के वीडियो वायरल हुए थे।
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति मोबाइल ऐप खोलता दिखाई देता है। इसके बाद ATM मशीन के बंद होने और फिर दोबारा शुरू होने का दावा किया जाता है। वीडियो में दिख रहे ऐप का इंटरफेस BAT-BMS ऐप जैसा नजर आ रहा है, जिसके कारण लोगों ने इसे ई-रिक्शा विवाद से जोड़ना शुरू कर दिया।
फैक्ट चेक में सामने आया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि किसी सामान्य मोबाइल ऐप से दूर बैठे ATM को बंद या नियंत्रित किया जा सकता है। किसी बैंक, ATM नेटवर्क ऑपरेटर या आधिकारिक संस्था ने भी इस तरह के किसी हमले की पुष्टि नहीं की है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ATM मशीनें सुरक्षित नेटवर्क, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और कई सुरक्षा स्तरों के साथ काम करती हैं। केवल एक मोबाइल ऐप के जरिए किसी ATM को नियंत्रित कर लेना सामान्य स्थिति में संभव नहीं माना जाता।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि वीडियो की असलियत की पूरी जांच जरूरी है, क्योंकि ऐसे वायरल वीडियो में कई बार एडिटिंग, गलत प्रस्तुति या किसी स्थानीय तकनीकी प्रक्रिया को गलत तरीके से दिखाया जा सकता है।
BAT-BMS ऐप पहले ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े वीडियो के कारण चर्चा में आया था। कुछ वीडियो में दावा किया गया था कि इस ऐप से कुछ बैटरी सिस्टम को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन यह हर वाहन पर लागू नहीं होता और इसके पीछे तकनीकी सीमाएं होती हैं।
ATM वाले वायरल वीडियो ने लोगों में चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन अभी तक इसे वास्तविक ATM हैकिंग का सबूत नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के ऐसे दावों पर भरोसा करने से बचना चाहिए।