लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाए जाने के बाद अब इसकी IMDb पर दिखाई दे रही 9.5 यूजर रेटिंग भी प्लेटफॉर्म से गायब हो गई है। इस घटनाक्रम ने फिल्म से जुड़े कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।
फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए IMDb की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि फिल्म की रेटिंग एक दिन पहले तक 9.5 थी, लेकिन अगले ही दिन बिना किसी स्पष्ट कारण के हटा दी गई। उन्होंने कहा कि इससे प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है।
फिल्म के सह-लेखक नीरेन भट्ट ने भी कहा कि उन्हें रेटिंग हटाने के पीछे की वजह की कोई जानकारी नहीं दी गई। उनके अनुसार, फिल्म की रिलीज, ओटीटी से हटाए जाने और अब IMDb रेटिंग हटने—तीनों मामलों में किसी तरह का आधिकारिक संवाद नहीं किया गया।
'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म है। यह पहले सेंसरशिप और रिलीज को लेकर लंबे समय तक विवादों में रही। 3 जुलाई 2026 को ओटीटी पर रिलीज होने के कुछ ही समय बाद इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था, जिसके बाद से फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है।
IMDb की ओर से रेटिंग हटाने के कारणों पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और कई फिल्मी हस्तियों ने पारदर्शिता की मांग की है।