लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' को ZEE5 से हटाए जाने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब फिल्म के सह-लेखक निरेन भट्ट ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि फिल्म निर्माताओं को आज तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर फिल्म के किस हिस्से पर आपत्ति है और फैसला कौन ले रहा है।
निरेन भट्ट ने एक इंटरव्यू में कहा कि वर्षों से फिल्म को लेकर केवल चुप्पी देखने को मिली है। उनके मुताबिक, न तो आपत्तिजनक दृश्यों की स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही यह बताया गया कि निर्णय किस स्तर पर लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी हिस्से पर समस्या है तो उस पर खुलकर बातचीत होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि अन्य संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्में रिलीज हो सकती हैं, तो 'सतलुज' को अलग तरीके से क्यों देखा जा रहा है। उनके अनुसार, किसी फिल्म को बिना स्पष्ट कारण बताए हटा देना रचनात्मक संवाद की भावना के विपरीत है।
दूसरी ओर, सरकारी सूत्रों के अनुसार फिल्म को सुरक्षा संबंधी चिंताओं और आईटी नियम, 2021 के तहत उठे मुद्दों के कारण ZEE5 से हटाने के निर्देश दिए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, फिल्म पहले 'पंजाब 95' शीर्षक से प्रमाणन प्रक्रिया में थी, लेकिन सुझाए गए बदलाव स्वीकार नहीं किए गए थे। बाद में इसे नए नाम 'सतलुज' के साथ OTT पर रिलीज किया गया।
इस बीच ZEE5 ने कहा है कि वह फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर काम कर रहा है और दर्शकों से पायरेसी का समर्थन न करने की अपील की है। वहीं फिल्म के निर्माता कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।