गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
तेजी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में अब एक नया काउंटर ट्रेंड उभर रहा है जिसे “डिजिटल डिटॉक्स” कहा जा रहा है। काम, सोशल मीडिया और लगातार नोटिफिकेशन के दबाव से परेशान लोग अब जानबूझकर कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक स्क्रीन से दूरी बना रहे हैं।
शहरों में वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच “नो स्क्रीन वीकेंड” और “फोन-फ्री जोन” जैसी आदतें लोकप्रिय हो रही हैं। कई लोग अब सुबह उठते ही मोबाइल देखने के बजाय मेडिटेशन, योग और आउटडोर वॉक को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्क्रीन टाइम बढ़ने से तनाव, नींद की कमी और एकाग्रता में गिरावट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने का एक प्रभावी तरीका बनता जा रहा है।
कॉरपोरेट सेक्टर में भी कुछ कंपनियां “अनप्लग्ड ऑवर्स” लागू करने लगी हैं, जहां कर्मचारियों को कुछ समय के लिए ईमेल और चैट से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
यह ट्रेंड सिर्फ एक फैशन नहीं बल्कि एक जरूरी बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में और भी व्यापक हो सकता है।