लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
CBSE और शिक्षा नीति से जुड़े नए अपडेट के अनुसार 7वीं से 9वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को और स्पष्ट किया गया है। इस नीति का उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी बनाना और उनकी संचार क्षमता को मजबूत करना है।
इस नियम के तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें आमतौर पर अंग्रेजी, हिंदी और एक क्षेत्रीय भाषा शामिल होती है। हालांकि स्कूल अपने राज्य और उपलब्ध विकल्पों के अनुसार भाषा का चयन कर सकते हैं।
नीति के अनुसार प्राथमिक स्तर के बाद जैसे-जैसे छात्र 7वीं, 8वीं और 9वीं में पहुंचते हैं, भाषा सीखने में संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल रटने की बजाय भाषा को व्यवहारिक रूप से सीखना है।
शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक यह नीति छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में मदद कर सकती है। हालांकि कुछ अभिभावकों का मानना है कि इससे छात्रों पर अतिरिक्त पढ़ाई का बोझ भी बढ़ सकता है।
CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को भाषा चुनने में लचीलापन दें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी छात्र पर अनावश्यक दबाव न बने।