गुरप्रीत कालरा
लोक्ला न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में डिजिटल लाइफस्टाइल के बढ़ते प्रभाव के बीच एक नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है जिसे “डिजिटल डिटॉक्स” कहा जा रहा है। युवा और कामकाजी वर्ग अब कुछ समय के लिए मोबाइल, सोशल मीडिया और लैपटॉप से दूरी बनाकर मानसिक शांति की ओर रुख कर रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्क्रीन पर रहने से तनाव, नींद की कमी और एकाग्रता में गिरावट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में माइंडफुल लिविंग और डिजिटल ब्रेक्स लोगों को बेहतर मानसिक संतुलन देने में मदद कर रहे हैं।
बड़े शहरों में अब “नो फोन ज़ोन”, योग कैंप और वेलनेस रिट्रीट की मांग भी बढ़ने लगी है। कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए डिजिटल वेलनेस प्रोग्राम शुरू कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड आने वाले समय में लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन सकता है।