लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 81 पुलिस इंस्पेक्टर और 68 सब-इंस्पेक्टर को चुनाव ड्यूटी से हटा दिया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ये अधिकारी अब किसी भी रूप में चुनाव से जुड़े कार्यों में शामिल नहीं होंगे।
आयोग के आदेश के बाद संबंधित पुलिस अधीक्षकों ने कार्रवाई करते हुए इन अधिकारियों को ड्यूटी से हटाया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि ये अधिकारी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करें। इसके लिए उनसे लिखित आश्वासन लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सुप्रतिम सरकार को भी इस कार्रवाई में राहत नहीं मिली है। उन्हें चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तमिलनाडु भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस जिम्मेदारी से छूट मांगी थी, लेकिन आयोग ने इसे अस्वीकार कर दिया।
चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि हटाए गए इंस्पेक्टरों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और उन्हें शुक्रवार शाम पांच बजे तक अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
जिन जिलों में यह कार्रवाई की गई है, उनमें कूचबिहार, रायगंज, इस्लामपुर, अलीपुरद्वार, दक्षिण दिनाजपुर, सिलीगुड़ी, डायमंड हार्बर, बारुईपुर, बारासात, बसिरहाट, बनगांव, बैरकपुर, विधाननगर, कृष्णनगर, रानाघाट, आसनसोल-दुर्गापुर, पश्चिम व पूर्व मेदिनीपुर, पुरुलिया, बीरभूम, जलपाईगुड़ी, मालदा और बांकुड़ा शामिल हैं।
राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य प्रशासन चुनाव आयोग के नियंत्रण में आ गया है और इसी क्रम में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन निर्णयों को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई जनसभाओं में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विशेष रूप से सुप्रतिम सरकार की तैनाती को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है।