गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
विश्वविख्यात पर्वतारोही एवरेस्टवीर सुविधा कडलग ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पुणे के म्हालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति क्रीड़ा संकुल (बालेवाड़ी स्टेडियम) में 37 किलोमीटर की विशेष ‘बर्थडे रन’ पूरी की। इस आयोजन के जरिए उन्होंने स्वास्थ्य, फिटनेस, मानसिक मजबूती और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
यह विशेष रन ‘पुणे रन फॉर यूनिटी’ और ‘अपुल्की मेडिकल सेंटर’ के संयुक्त सहयोग से आयोजित की गई थी। इसमें सुविधा कडलग ने दौड़ के माध्यम से नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
एवरेस्ट के बाद अब कंचनजंघा की तैयारी
एवरेस्ट पर भारतीय संस्कृति और महाराष्ट्र की पहचान को प्रस्तुत करने के बाद सुविधा कडलग अब कंचनजंघा अभियान की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही हैं। उनके अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य पर्वतारोहण उपलब्धि के साथ भारतीय संस्कृति और पहचान को दुनिया के प्रमुख पर्वतीय मंचों तक पहुंचाना भी है।
वह कंचनजंघा के शिखर तक भारतीय संस्कृति की पहचान और अपने ब्रांड का ध्वज लेकर पहुंचने का लक्ष्य रखती हैं। उनके अभियान में साहस, पर्यावरण संरक्षण और महिलाओं की क्षमता को वैश्विक मंच पर सामने लाने का संदेश भी शामिल है।
सुविधा कडलग का कहना है कि शिखर केवल पर्वतारोहण की उपलब्धि नहीं, बल्कि अपनी पहचान, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के सपनों को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम भी हो सकते हैं।
स्वास्थ्य और फिटनेस पर जोर
सुविधा कडलग के जीवन मिशन में स्वास्थ्य और फिटनेस को प्रमुख स्थान दिया गया है। उनका संदेश है कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए दौड़ना, ट्रेकिंग या किसी भी तरह का नियमित व्यायाम जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
37 किलोमीटर की बर्थडे रन को भी इसी संदेश से जोड़कर देखा गया। आयोजन के जरिए लोगों को फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती और अनुशासन के प्रति जागरूक करने की कोशिश की गई।
‘Run & Plant a Tree’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सुविधा कडलग की मुहिम का हिस्सा है। ‘Run & Plant a Tree’ के माध्यम से वह लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों के साथ प्रकृति के संरक्षण का संदेश देती हैं।
वृक्षारोपण, स्वच्छ पर्यावरण और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना उनके अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
युवाओं में Resilience का संदेश
सुविधा कडलग के मिशन में युवाओं के बीच ‘Resilience’ यानी मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देना भी शामिल है। उनका जोर चुनौतियों के बीच लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने, अनुशासन बनाए रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर है।
पर्वतारोहण और लंबी दूरी की दौड़ जैसी गतिविधियों के जरिए वह युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश देती हैं।
37 किमी रन पूरी करने के बाद जताया आभार
37 किलोमीटर की दूरी पूरी करने के बाद सुविधा कडलग ने पुणेकरों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पर्वतों की ऊंची चोटियों से लेकर स्टेडियम के ट्रैक तक प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा लोगों को जोड़ती है।
उन्होंने अपुल्की मेडिकल सेंटर और पुणे रन फॉर यूनिटी की टीम के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। सुविधा कडलग ने कहा कि स्वस्थ और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
अब उनका अगला लक्ष्य कंचनजंघा की ओर बढ़ना है। इसके साथ वह भारतीय संस्कृति और अपने ब्रांड की पहचान को एक और बड़े पर्वत शिखर तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हैं।
‘Onwards & Upwards’ के संदेश के साथ सुविधा कडलग की यह यात्रा स्वास्थ्य, फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और पर्वतारोहण के जरिए भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने पर केंद्रित है।