गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
भारत-पाकिस्तान सीमा पर वर्षों पहले लगाई गई बाड़ और आधुनिक निगरानी तकनीक ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। थर्मल कैमरे, नाइट विजन डिवाइस, सेंसर और फ्लडलाइट्स की मदद से सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगी है। खासकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में इसका बड़ा असर देखने को मिला है।
अब केंद्र सरकार की नजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर है। करीब 4,000 किलोमीटर लंबी इस सीमा पर कई इलाकों में अब भी नदी, जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण निगरानी चुनौती बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और पशु तस्करी रोकने के लिए यहां स्मार्ट फेंसिंग बेहद जरूरी है।
सरकार अब Comprehensive Integrated Border Management System यानी CIBMS तकनीक को और तेजी से लागू करने की तैयारी में है। इस सिस्टम में सेंसर, कैमरे, ड्रोन और रडार जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होता है, जिससे बिना मानव गश्त के भी सीमा की निगरानी संभव हो पाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान बॉर्डर पर मिली सफलता के बाद बांग्लादेश सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग भारत की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत कर सकती है।