लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और Donald Trump की नई चेतावनी के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई, जिसका असर Dalal Street पर साफ दिखा।
सोमवार को BSE Sensex करीब 900 अंक टूट गया, जबकि NSE Nifty भी तेज गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। बैंकिंग, IT, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल माना जा रहा है। Brent crude 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Trump ने Iran को लेकर सख्त बयान दिया है और कहा कि “समय तेजी से निकल रहा है।” इसके बाद वैश्विक बाजारों में भी डर का माहौल बन गया। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फ्यूचर्स में गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली और यह डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे कच्चे तेल ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता बनी रही तो आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़े फैसले न लेने की सलाह दी जा रही है।
सोशल मीडिया और निवेशक समुदाय में भी बाजार गिरावट को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई निवेशक इसे “जियोपॉलिटिकल पैनिक” बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर मान रहे हैं।