लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में काम करने वाली सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज ने 48 करोड़ रुपये का अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) निवेशकों के लिए खोल दिया है। इस इश्यू में निवेशक निर्धारित अवधि तक बोली लगा सकेंगे, जबकि शेयरों का अलॉटमेंट 9 अप्रैल को किया जाएगा और 10 अप्रैल को डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को BSE SME Platform पर लिस्ट होने की संभावना है।
इस IPO के लिए 75 से 80 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है और न्यूनतम लॉट साइज 1,600 शेयर रखा गया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए लगभग 2.56 लाख रुपये का निवेश आवश्यक होगा। इस इश्यू के तहत कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू के 60 लाख नए शेयर जारी कर रही है।
इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 48.88 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए 35.96 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 15.17 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। इस IPO के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑपशंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर और मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जबकि एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड मार्केट मेकर की भूमिका निभा रही है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में इसके प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का शुद्ध लाभ 43 लाख रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 4.01 करोड़ रुपये और 2024-25 में 8.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक कंपनी 8.52 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित कर चुकी है।
राजस्व के मामले में भी कंपनी ने उतार-चढ़ाव के बावजूद वृद्धि दर्ज की है। 2022-23 में 49.26 करोड़ रुपये का राजस्व रहा, जो 2023-24 में थोड़ा घटकर 45.70 करोड़ रुपये रहा, लेकिन 2024-25 में यह बढ़कर 103.50 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष में अब तक कंपनी 68.51 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल कर चुकी है।
हालांकि, इस दौरान कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़ा है। 2022-23 में 18.52 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2023-24 में 29.79 करोड़ और 2024-25 में 33.84 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्तमान वित्त वर्ष में यह बढ़कर 39.18 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी का नेटवर्थ भी लगातार बढ़ा है। 2022-23 में यह 12.47 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 17.48 करोड़ और 2024-25 में 42.17 करोड़ रुपये हो गया। जनवरी 2026 तक यह बढ़कर 54.47 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
इसी तरह कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी वृद्धि हुई है, जो 2022-23 में 2.97 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 40.64 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। EBITDA भी इसी अवधि में 2.63 करोड़ रुपये से बढ़कर 17.27 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि चालू वित्त वर्ष में यह 16.21 करोड़ रुपये के स्तर पर है।
कुल मिलाकर, कंपनी की आय और लाभ में तेजी से वृद्धि देखी गई है, हालांकि बढ़ता कर्ज निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है।