गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े आतंकी हमजा के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मारे जाने की खबर ने एक बार फिर पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क को चर्चा में ला दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक हमजा लंबे समय से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था और उसका संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क से बताया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का दावा है कि हमजा कई आतंकी मॉड्यूल के बीच समन्वय का काम करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसका ISI में असली हैंडलर कौन था और उसे किस स्तर पर संरक्षण मिल रहा था।
इसी बीच ‘माचिस फैक्ट्री’ शब्द भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि यह कोई सामान्य फैक्ट्री नहीं, बल्कि आतंकियों के लिए इस्तेमाल होने वाला कोडनेम या संदिग्ध ठिकाना हो सकता है, जहां विस्फोटक सामग्री या लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाती थीं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में सक्रिय आतंकी ढांचे को लंबे समय से स्थानीय ठिकानों, ट्रेनिंग कैंप और फ्रंट बिजनेस के जरिए सपोर्ट मिलता रहा है। हमजा की मौत के बाद अब उसके नेटवर्क, फंडिंग और ISI लिंक को लेकर नई जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।