गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कठिन परिस्थितियों में शांत रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने के महत्व को रेखांकित किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि देश के युवा जो ठान लेते हैं, उसे करके दिखाते हैं। युवाशक्ति का सामर्थ्य ही राष्ट्र को तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह सुभाषित साझा किया—
“व्यसने वाऽर्थकृच्छ्रे वा भये वा जीवनान्तके।
विमृशन् वै स्वया बुद्ध्या धृतिमान् नावसीदति॥”
इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि विपत्ति, आर्थिक संकट, भय या जीवन के अंतिम क्षणों जैसी कठिन परिस्थितियों में जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखते हुए अपनी बुद्धि से विचार करता है, वह कभी विचलित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि शांत और सोच-समझकर लिए गए निर्णय व्यक्ति को दुःख और हानि से बचाते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह संदेश मानसिक दृढ़ता को दर्शाता है और बताता है कि कैसे युवा वर्ग इन मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।