गुरप्रीत कालरा
लोक्ला न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव बढ़ गया है।
बताया जा रहा है कि तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि 15 मई से पहले पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो आम लोगों पर महंगाई का असर और बढ़ सकता है। ट्रांसपोर्ट, सब्जियों और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि सरकार और तेल कंपनियों की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बाजार में ईंधन कीमतों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।