लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में बड़ी कटौती की है। सरकार ने पेट्रोल पर यह शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर का शुल्क पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया गया है। नई दरें शुक्रवार से लागू हो गई हैं।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस फैसले से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना है, जिससे महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार ने इसके साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के लिए एक नया लेवी ढांचा भी लागू किया है। नए प्रावधानों के तहत एटीएफ पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क निर्धारित किया गया है। हालांकि, इसमें आंशिक छूट के प्रावधान के चलते प्रभावी शुल्क लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और पश्चिम एशिया में अस्थिर स्थिति के बीच आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे परिवहन लागत में कमी आने और महंगाई पर कुछ हद तक नियंत्रण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।