गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
नगर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुए श्रमिकों के प्रदर्शन में हिंसा के पीछे अब साजिश के संकेत सामने आए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हिंसा भड़काने के लिए तीन दिन पहले से सुनियोजित तरीके से तैयारी की गई थी।
जांच में सामने आया कि 80 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए, जिनमें से करीब 50 की पहचान हो चुकी है। इन ग्रुप्स में वेतन वृद्धि या श्रमिक मुद्दों पर चर्चा के बजाय कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ करने के संदेश साझा किए जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में तीन संगठनों की भूमिका सामने आई है, जिनमें ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ प्रमुख है। इस संगठन से जुड़े रूपेश राय सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि 17 व्हाट्सएप ग्रुप का सत्यापन किया जा चुका है और जांच जारी है। साथ ही 50 से अधिक संदिग्ध एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल की भी पहचान हुई है, जिन्हें हाल ही में बनाकर भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे।
डीसीपी शैव्या गोयल ने कहा कि पूरी गतिविधि पूर्व नियोजित और संगठित थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है और आगे भी गिरफ्तारी की संभावना है।