गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मध्य प्रदेश में गर्मी अब दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को परेशान करने लगी है। इस सीजन पहली बार प्रदेश में ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति बन रही है, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने मंगलवार रात भोपाल सहित 9 शहरों में ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट जारी किया है, जबकि डिंडौरी जिले में लू चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार जिन शहरों में मंगलवार रात गर्म रात रहने का अनुमान है, उनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले रविवार और सोमवार की रात भी भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला और नर्मदापुरम में ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति दर्ज की गई थी।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ‘वॉर्म नाइट’ तब मानी जाती है, जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक हो और दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा दर्ज किया जाए। यदि यह बढ़ोतरी 6.4 डिग्री से अधिक हो जाए, तो उसे ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। फिलहाल प्रदेश में ऐसी गंभीर स्थिति नहीं बनी है।
सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी देखने को मिली। छतरपुर के खजुराहो में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम और सीधी में 42.2 डिग्री, रीवा और श्योपुर में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन में 41.6 डिग्री, नौगांव में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री तापमान रहा।
बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर और उज्जैन में 39.5 डिग्री, जबकि जबलपुर में 38.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
हालांकि मौसम में कुछ बदलाव भी देखने को मिला। रविवार और सोमवार को खरगोन, इंदौर, सीहोर, सागर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, गुना, सतना, मुरैना, हरदा, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन और बैतूल समेत कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक हुई। भोपाल में भी सुबह देर से धूप निकली।
मौसम विभाग ने बताया कि पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय है, जिसके कारण बादल बने हुए हैं। वहीं दक्षिणी जिलों में आंधी और बारिश का असर भी देखा गया। 23 अप्रैल को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, हालांकि इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है।