अंजली गुप्ता
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कश्मीर घाटी से मानवता की एक मिसाल सामने आई है। यहां के कई इलाकों में लोगों ने युद्धग्रस्त ईरान के राहत कोष के लिए बढ़-चढ़कर दान किया। लोगों ने नकद, सोना, तांबे के बर्तन और अन्य जरूरी सामान देकर सहायता पहुंचाने की पहल की।
ईद के बाद घाटी के शिया बहुल क्षेत्रों में युवाओं ने घर-घर जाकर चंदा एकत्र किया। इस अभियान में समाज के हर वर्ग ने हिस्सा लिया। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया।
दान अभियान के दौरान कई महिलाओं ने आगे आकर अपने सोने के आभूषण और घरेलू सामान दान किए। वहीं कुछ परिवारों ने पशुधन तक दान कर दिया। बच्चों ने भी अपनी बचत और जेब खर्च देकर सहयोग किया।
यह अभियान खासतौर पर बडगाम और बारामूला जिलों में देखा गया, जहां शिया समुदाय की संख्या अधिक है। एकत्रित दान को ईरानी दूतावास और अन्य आधिकारिक राहत संगठनों के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा।
ईरानी दूतावास ने भी इस मदद के लिए कश्मीर के लोगों का आभार जताया है। दूतावास ने अपने संदेश में कहा कि कश्मीर के लोगों द्वारा दिखाई गई यह दयालुता और एकजुटता हमेशा याद रखी जाएगी।