गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स को दोबारा खोलने और सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी हमलों के थमने के बाद ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों में गतिविधियां बढ़ी हैं और कई भूमिगत मिसाइल ठिकानों पर फिर से परिचालन शुरू किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत मिसाइल बेस ईरान की रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा हैं। इन ठिकानों को संभावित हवाई हमलों से बचाने के लिए पहाड़ों और मजबूत संरचनाओं के भीतर बनाया गया है। हालिया घटनाक्रम को ईरान की सैन्य तैयारियों और रणनीतिक क्षमता के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि ईरानी अधिकारियों की ओर से सभी गतिविधियों को नियमित सैन्य संचालन का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन इस कदम ने क्षेत्र के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।