लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
Kuwait में रविवार सुबह अचानक वॉर सायरन बजने से तनाव बढ़ गया। कुवैत की सेना ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की ओर बढ़ रहे मिसाइलों और ड्रोन को निशाना बनाकर रोकने की कार्रवाई की।
कुवैती सैन्य अधिकारियों के अनुसार नागरिकों ने कई धमाकों की आवाजें सुनीं, लेकिन सेना ने स्पष्ट किया कि ये आवाजें एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हमलावर लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किए जाने की थीं। लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई।
घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में दावा किया था कि उसने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम और ड्रोन कंट्रोल सेंटरों पर जवाबी कार्रवाई की है। इसके बाद क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। कुछ रिपोर्टों में कुवैत स्थित अमेरिकी उपयोग वाले एयरबेस के आसपास हमलों का भी उल्लेख किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला सिर्फ कुवैत तक सीमित घटना नहीं है, बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते टकराव का हिस्सा हो सकता है। हाल के दिनों में ड्रोन, मिसाइल और नौसैनिक गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
इस घटनाक्रम ने अमेरिका-ईरान संघर्षविराम पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले से जारी बातचीत और अस्थायी शांति प्रयासों के बावजूद लगातार सैन्य घटनाएं सामने आ रही हैं।
कुवैत सरकार ने फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। वहीं पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। तेल बाजार और वैश्विक शिपिंग रूट्स पर भी इस तनाव का असर पड़ सकता है।