लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने एक बार फिर सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर जवाबी हमला किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला बंदर अब्बास के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद किया गया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि US forces ने दक्षिणी ईरान में एक सैन्य साइट और ड्रोन कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया था, जहां से कथित तौर पर हमलावर ड्रोन लॉन्च किए जाने की तैयारी थी।
ईरानी मीडिया के अनुसार IRGC ने सुबह करीब 4:50 बजे अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया और चेतावनी दी कि अगर “आक्रामक कार्रवाई” जारी रही तो जवाब और ज्यादा कठोर होगा। हालांकि ईरान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया।
अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई “defensive strikes” थीं और उनका मकसद अमेरिकी सैनिकों तथा Strait of Hormuz में कमर्शियल शिपिंग को सुरक्षित रखना था। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने कई ईरानी ड्रोन भी मार गिराए।
Bandar Abbas ईरान का बेहद रणनीतिक बंदरगाह और सैन्य क्षेत्र माना जाता है। यह Strait of Hormuz के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है। इसी वजह से यहां तनाव बढ़ने का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत भी जारी है, लेकिन हालिया हमलों ने संघर्षविराम और शांति वार्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि Hormuz Strait खुला रहना चाहिए और अमेरिका क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा करता रहेगा।
मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि किसी भी बड़े सैन्य संघर्ष का असर तेल की कीमतों, वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।