लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मैनेजर की कथित 35 लाख रुपये सालाना सैलरी का ब्रेकअप सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने ग्रॉस सैलरी और कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक मासिक आय के अंतर पर बहस शुरू कर दी।
वायरल दस्तावेज को साझा करने वाले व्यक्ति ने बताया कि Form 16 में दिखाई गई कुल राशि कर्मचारी की नियमित मासिक कमाई को सीधे नहीं दर्शाती है। इसमें कई तरह के भत्ते, कटौतियां और अन्य घटक शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी कर्मचारी की कुल लागत (CTC), ग्रॉस सैलरी और इन-हैंड सैलरी अलग-अलग होती हैं। टैक्स, भविष्य निधि (PF), बीमा और अन्य कटौतियों के बाद मिलने वाली राशि वास्तविक टेक-होम पे होती है।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई लोगों ने बैंकिंग क्षेत्र की सैलरी संरचना और वेतन पैकेज को समझने की कोशिश की।