लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली। एक नए अध्ययन में पहली बार रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल के जरिए जांच की गई कि कीटोजेनिक डाइट (Ketogenic Diet) मनोविकार संबंधी विकारों से जूझ रहे लोगों के लिए कितनी प्रभावी हो सकती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, कीटो डाइट अपनाने वाले प्रतिभागियों में कुछ स्वास्थ्य संकेतकों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लक्षणों में सुधार के संकेत मिले। यह डाइट शरीर में ऊर्जा के उपयोग के तरीके को बदलती है और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अध्ययन मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए एक संभावित सहायक विकल्प की ओर इशारा करता है, लेकिन इसे नियमित उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
शोधकर्ताओं ने आगे बड़े स्तर पर अध्ययन की जरूरत बताई है, ताकि यह समझा जा सके कि कीटो डाइट किन मरीजों में और किस तरह सबसे अधिक लाभकारी हो सकती है।