लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग पिछले कुछ वर्षों से भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस गैंग पर हत्या, रंगदारी, हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई आरोप लगे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के तार भारत के अलावा कनाडा, अमेरिका और यूरोप के कुछ हिस्सों तक पहुंचने के आरोप सामने आए हैं। अमेरिकी और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी इस तरह के संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैंग पर आरोप है कि यह जबरन वसूली, हिंसक वारदातों और आपराधिक साजिशों के लिए अलग-अलग जगहों पर अपने सहयोगियों का इस्तेमाल करता रहा है। विदेशी ठिकानों से नेटवर्क चलाने और अपराधियों की भर्ती जैसे आरोपों की भी जांच की जा रही है।
लॉरेंस बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में सामने आया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके नेटवर्क और सहयोगियों पर लगातार कार्रवाई की है। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस गैंग से जुड़े मामलों पर नजर रखी जा रही है।
अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक संगठित अपराध नेटवर्क सोशल मीडिया, विदेशों में मौजूद संपर्कों और स्थानीय स्तर के सहयोगियों के जरिए अपनी गतिविधियां फैलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए कई देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी माना जाता है।