लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
संसद की एक स्थायी समिति 17 जुलाई को उस महत्वपूर्ण विधेयक पर अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है, जिसमें गंभीर आपराधिक मामलों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार और न्यायिक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को स्वत: पद से हटाने का प्रावधान किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, समिति की रिपोर्ट में इस सबसे विवादास्पद प्रावधान को बरकरार रखा जा सकता है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया जा रहा है कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे और लंबे समय तक हिरासत में रहने वाले जनप्रतिनिधि संवैधानिक पदों पर बने न रहें।
इस प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में व्यापक बहस जारी है। समर्थकों का कहना है कि इससे शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी, जबकि आलोचकों का तर्क है कि केवल गिरफ्तारी या हिरासत के आधार पर किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को स्वत: पद से हटाना न्यायिक प्रक्रिया और निर्दोषता की संवैधानिक धारणा पर सवाल खड़े कर सकता है।
यदि समिति रिपोर्ट को मंजूरी देती है, तो इसे संसद के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा। इसके बाद विधेयक पर आगे की संसदीय प्रक्रिया तय होगी।