लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कई ऐसी कहानियां छिपी हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं। ऐसी ही कहानी है बाल कलाकार शफीक सैयद की, जिन्होंने महज 12 साल की उम्र में फिल्म 'सलाम बॉम्बे!' में शानदार अभिनय कर नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किया था।
मीरा नायर की ऑस्कर नामांकित फिल्म सलाम बॉम्बे! में शफीक सैयद ने कृष्णा उर्फ चायपाव का किरदार निभाया था। उनकी मासूमियत और दमदार अभिनय ने दर्शकों के साथ-साथ फिल्म समीक्षकों का भी दिल जीत लिया था। इस भूमिका के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट से सम्मानित किया गया था।
लेकिन इतनी बड़ी सफलता के बाद भी शफीक का फिल्मी सफर लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ पाया। उन्हें फिल्मों में लगातार काम नहीं मिला और धीरे-धीरे वह फिल्म इंडस्ट्री से दूर हो गए। बाद में उन्होंने बेंगलुरु में ऑटो रिक्शा चलाकर अपनी जिंदगी और परिवार की जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कीं।
शफीक सैयद की कहानी यह दिखाती है कि शुरुआती सफलता हमेशा लंबे करियर की गारंटी नहीं होती। एक समय देशभर में पहचान बनाने वाला यह बाल कलाकार आज आम जिंदगी जी रहा है और मेहनत के दम पर अपना परिवार चला रहा है।
फिल्म सलाम बॉम्बे! आज भी भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है और शफीक सैयद का किरदार इस फिल्म की सबसे खास यादों में शामिल है।