लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
मुस्कान
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने E20 ईंधन को लेकर कहा है कि कुछ वाहनों में इसके इस्तेमाल से 3-5 प्रतिशत तक माइलेज में कमी आ सकती है। हालांकि, सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का बचाव करते हुए कहा कि इससे कई अन्य वाहन और पर्यावरण संबंधी फायदे मिलते हैं।
E20 ईंधन में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार के अनुसार, इथेनॉल मिलाने से ईंधन का ऑक्टेन रेटिंग बढ़ता है, जिससे इंजन के प्रदर्शन में सुधार हो सकता है और प्रदूषणकारी उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलती है।
सरकार ने बताया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने वाहनों में E20 ईंधन का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है, जबकि नए वाहन इस मिश्रण के अनुरूप डिजाइन किए जा रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 ईंधन के दीर्घकालिक लाभों को देखते हुए इसे बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके उपयोग से ऊर्जा सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।