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AI-171 जांच पर उठे सवाल, AAIB की निष्पक्षता और क्षमता पर बढ़ा भरोसे का...
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AI-171 जांच पर उठे सवाल, AAIB की निष्पक्षता और क्षमता पर बढ़ा भरोसे का संकट
एयर इंडिया AI-171 दुर्घटना की जांच कर रहे AAIB की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों और विमानन जगत के कई लोगों ने जांच की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है।
नई दिल्ली। एयर इंडिया की उड़ान AI-171 दुर्घटना की जांच को एक वर्ष पूरा होने के बाद भी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इस बीच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और संस्थागत क्षमता को लेकर विमानन विशेषज्ञों, पूर्व अधिकारियों और उद्योग से जुड़े कई लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि देश की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक की जांच में जनता का भरोसा बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना तकनीकी सच्चाई तक पहुंचना।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच की धीमी प्रगति, सीमित सार्वजनिक जानकारी और लगातार उठ रहे तकनीकी सवालों ने AAIB की विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है। हाल के महीनों में पायलट संगठनों ने भी प्रारंभिक रिपोर्ट के कुछ निष्कर्षों और घटनाक्रम की समय-रेखा पर सवाल उठाते हुए अधिक विस्तृत और पारदर्शी जांच की मांग की है।
हालांकि, भारत सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि इतने जटिल विमान हादसों की जांच में समय लगता है और अंतिम रिपोर्ट सभी तकनीकी विश्लेषण पूरे होने के बाद ही जारी की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं।
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: एयर इंडिया की उड़ान AI-171 दुर्घटना की जांच को एक वर्ष पूरा होने के बाद भी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इस बीच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और संस्थागत क्षमता को लेकर विमानन विशेषज्ञों, पूर्व अधिकारियों और उद्योग से जुड़े कई लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि देश की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक की जांच में जनता का भरोसा बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना तकनीकी सच्चाई तक पहुंचना।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच की धीमी प्रगति, सीमित सार्वजनिक जानकारी और लगातार उठ रहे तकनीकी सवालों ने AAIB की विश्वसनीयता पर बहस तेज कर दी है। हाल के महीनों में पायलट संगठनों ने भी प्रारंभिक रिपोर्ट के कुछ निष्कर्षों और घटनाक्रम की समय-रेखा पर सवाल उठाते हुए अधिक विस्तृत और पारदर्शी जांच की मांग की है।
हालांकि, भारत सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि इतने जटिल विमान हादसों की जांच में समय लगता है और अंतिम रिपोर्ट सभी तकनीकी विश्लेषण पूरे होने के बाद ही जारी की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रही हैं।
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