गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
देशभर में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य बड़ी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराने वाली National Testing Agency की विश्वसनीयता को लेकर फिर बहस तेज हो गई है। करोड़ों छात्रों के भविष्य का जिम्मा संभालने वाली यह एजेंसी लगातार विवादों, तकनीकी गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों के कारण आलोचना का सामना कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, NTA को बेहद कम शुरुआती लागत के साथ रजिस्टर्ड किया गया था, लेकिन आज यह देश की सबसे अहम परीक्षा एजेंसियों में शामिल है। इसके बावजूद कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद इसकी साख Union Public Service Commission जैसी मजबूत क्यों नहीं बन पाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता, परीक्षा सुरक्षा, जवाबदेही और तकनीकी ढांचे को लेकर लगातार उठते सवाल एजेंसी की छवि को प्रभावित कर रहे हैं। हाल के वर्षों में NEET और अन्य परीक्षाओं को लेकर हुए विवादों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है।