लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
DRDO ने देश में विकसित स्वदेशी ग्लाइड बम ‘तारा’ का सफल परीक्षण कर रक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह बम पारंपरिक बमों की तरह सीधे नीचे नहीं गिरता, बल्कि हवा में लंबी दूरी तक ग्लाइड करते हुए लक्ष्य तक पहुंचता है।
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लाइड बम की खासियत यह है कि इसे सुरक्षित दूरी से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे लड़ाकू विमान दुश्मन की एयर डिफेंस रेंज से बाहर रहते हुए हमला कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि परीक्षण के दौरान बम ने तय लक्ष्य को बेहद सटीकता के साथ निशाना बनाया। इसकी नेविगेशन और गाइडेंस तकनीक पूरी तरह स्वदेशी है।
इस हथियार को आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। यह दुश्मन के बंकर, कमांड सेंटर और रणनीतिक ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम माना जा रहा है।
भारत लगातार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दे रहा है और DRDO की यह सफलता उसी दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।