लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
जनजातीय मंत्रालय के मार्गदर्शन में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) कमार समुदाय के समग्र विकास के लिए एक नई डिजिटल पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत मोबाइल एप आधारित सर्वे के माध्यम से कमार समुदाय के प्रत्येक परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार इस डिजिटल सर्वे का उद्देश्य समुदाय की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाओं को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाना है। सर्वे के दौरान परिवारों से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समुदाय तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
कमार समुदाय के लिए तैयार किए गए इस मोबाइल एप से डेटा एंट्री की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है। इससे त्रुटियों की संभावना कम हो गई है और वास्तविक स्थिति के अनुरूप योजनाएं तैयार करना आसान होगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि सर्वे कार्य को सफल बनाने के लिए मैदानी अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सर्वे टीम न केवल आंकड़े जुटा रही है, बल्कि समुदाय के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को भी समझ रही है।
इस पहल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे कमार जनजाति के जीवन स्तर में ठोस सुधार आएगा और समुदाय के समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी।