लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर National Disaster Management Authority (एनडीएमए) और Uttarakhand State Disaster Management Authority (यूएसडीएमए) द्वारा राज्य के सात जिलों में यह अभ्यास कराया जा रहा है।
यह मॉक ड्रिल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संचालित हो रही है, जिसमें Uttarkashi, Chamoli, Rudraprayag, Haridwar, Tehri Garhwal, Pauri Garhwal और Dehradun के अधिकारी व विभिन्न विभागों की टीमें सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। इसके जरिए विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया जा रहा है।
यह मॉक ड्रिल एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल सुधीर बहल के निर्देशन में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली (IRS) के तहत संचालित हो रही है, जिसमें इंसीडेंट कमांडर से लेकर विभिन्न इकाइयों की जिम्मेदारियों का व्यावहारिक परीक्षण किया जा रहा है।
देहरादून में आयोजित अभ्यास के दौरान रायपुर पीआरडी ग्राउंड को स्टेजिंग एरिया बनाया गया, जहां National Disaster Response Force (एनडीआरएफ), State Disaster Response Force (एसडीआरएफ), फायर यूनिट, मेडिकल टीम, रेस्क्यू यूनिट और अन्य विभागों की टीमें तैनात रहीं।
मॉक ड्रिल के दौरान जलभराव, सड़क दुर्घटना, हेलीकॉप्टर हादसा, भूकंप, आग, भगदड़, खराब मौसम, बाढ़, भूस्खलन, हिमस्खलन और आकाशीय बिजली जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर अभ्यास किया गया। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास से चारधाम यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां और मजबूत होंगी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।