गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (आईएमएस) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुराग तिवारी यूनाइटेड किंगडम के अल्स्टर विश्वविद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में भाग लेंगे। इस दौरान वे 20 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण अतिथि व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
यह व्याख्यान नैदानिक और शोध परिप्रेक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित होगा, जो बीएचयू और अल्स्टर विश्वविद्यालय के साझा शैक्षणिक उद्देश्यों और सहयोग को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, शोध और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
इससे पहले जनवरी 2026 में इसी सहयोग के तहत आईएमएस-बीएचयू में एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया था। उस कार्यशाला में दोनों संस्थानों के शिक्षकों और शोधकर्ताओं के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और संयुक्त शोध परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई थी।
डॉ. अनुराग तिवारी ने अपनी आगामी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य शोध और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने में ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच शिक्षकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
बीएचयू के जनसंपर्क कार्यालय ने शनिवार को बताया कि यह शैक्षणिक सहयोग ब्रिटिश काउंसिल के समर्थन से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक संबंधों को मजबूत करना, अंतःविषयक शोध को प्रोत्साहित करना और छात्रों व शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि डॉ. तिवारी की यह यात्रा न केवल इस साझेदारी को और सुदृढ़ करेगी, बल्कि नैदानिक शोध, चिकित्सा नवाचार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य की संयुक्त परियोजनाओं के लिए नए अवसर भी खोलेगी।
यह उपलब्धि बीएचयू और भारतीय चिकित्सा शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक सम्मान के रूप में देखी जा रही है।