लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ईवीएम को लेकर ममता बनर्जी के सवालों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि वर्षों से पारदर्शी तरीके से उपयोग में है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee द्वारा चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर उठाए गए सवालों पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री Ramdas Athawale ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईवीएम कोई नई तकनीक नहीं है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की बात बेबुनियाद है।
मंगलवार को Kolkata पहुंचे अठावले ने Netaji Subhas Chandra Bose International Airport पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि ईवीएम को प्रधानमंत्री Narendra Modi नहीं लाए थे, बल्कि इसकी शुरुआत कांग्रेस सरकार के समय में हुई थी और तब से यह प्रणाली लगातार उपयोग में है।
उन्होंने कहा कि पहले मतपत्रों की गिनती में काफी समय लगता था, जबकि ईवीएम के आने से मतगणना प्रक्रिया तेज, सरल और अधिक पारदर्शी हो गई है। अठावले ने भरोसा जताया कि चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ कराए जा रहे हैं और ईवीएम पर संदेह की कोई ठोस वजह नहीं है।
अठावले ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी जनता ने Mamata Banerjee को भारी समर्थन दिया था और सभी नेताओं ने उनके जनादेश का सम्मान किया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और वही तय करती है कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी।