गुरप्रीत कालरा
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
यरुशलम की ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील Al-Aqsa Mosque को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर मस्जिद परिसर की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। आरोप है कि इस प्लान के जरिए जॉर्डन की पारंपरिक संरक्षक भूमिका को कमजोर किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्जिद के आसपास मौजूद इस्लामिक संपत्तियों और वक्फ जमीनों पर नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं। फिलिस्तीनी प्रशासन और कई मुस्लिम देशों ने आरोप लगाया है कि यह कदम यरुशलम के “डेमोग्राफिक और धार्मिक स्वरूप” को बदलने की दिशा में उठाया जा रहा है।
बीते कुछ महीनों में इजरायली नेताओं और कट्टरपंथी समूहों की अल-अक्सा परिसर में बढ़ती मौजूदगी भी विवाद का कारण बनी है। इजरायल के दक्षिणपंथी नेता इतामार बेन-गवीर की मस्जिद परिसर में एंट्री और वहां यहूदी प्रार्थना की घटनाओं पर जॉर्डन और फिलिस्तीन ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि “अल-अक्सा पर कब्जा” या “पूरी तरह नियंत्रण बदलने” जैसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल ज्यादातर रिपोर्ट्स संभावित योजनाओं, संपत्ति अधिग्रहण और प्रशासनिक बदलावों को लेकर हैं। अमेरिका या इजरायल की ओर से इस कथित प्लान पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।