लोकल न्यूज ऑफ इंडिया
अदिति जैन
भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों पर सैन्य संवाद एक बार फिर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालिया राजनयिक बातचीत के बाद अब दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच Corps Commander स्तर की वार्ता की तैयारी है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच बातचीत Northeast क्षेत्र में होने की संभावना है। बैठक में सीमा से जुड़े मुद्दों, सैनिकों की तैनाती और वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर स्थिति को लेकर चर्चा हो सकती है।
इस वार्ता का उद्देश्य सीमा पर किसी भी तरह के तनाव को बढ़ने से रोकना और जमीनी स्तर पर बेहतर संवाद कायम रखना माना जा रहा है।
इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बातचीत हुई थी। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद के बाद सैन्य स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के व्यापक संबंधों के लिए जरूरी है।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से दोनों देशों के संबंधों में चुनौती बना हुआ है। ऐसे में Corps Commander स्तर की बातचीत का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि सैन्य अधिकारी सीमा पर जमीनी स्थिति और सैनिकों से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर सीधे चर्चा कर सकते हैं।
बैठक के दौरान किसी नए तनाव को रोकने, मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत करने और सीमा पर सैन्य गतिविधियों को लेकर आपसी समझ बढ़ाने पर चर्चा संभव है।
भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के लिए राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर सैन्य वार्ता सकारात्मक रहती है तो इससे सीमा पर स्थिरता कायम करने और दोनों देशों के बीच व्यापक बातचीत का रास्ता मजबूत हो सकता है।
फिलहाल सभी की नजर Northeast में होने वाली इस संभावित Corps Commander स्तर की बैठक पर है। इसके नतीजे यह तय करने में अहम हो सकते हैं कि भारत-चीन सीमा पर आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।