लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद वैश्विक बाजारों में घबराहट फैल गई, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। बुधवार को कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,680 अंक तक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 500 अंक से अधिक टूटकर 23,900 के नीचे पहुंच गया।
इस तेज गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹8 लाख करोड़ की कमी दर्ज की गई। बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे अधिक दबाव बैंकिंग, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस शेयरों पर देखा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप के बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है, जिससे निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। इन्हीं कारकों के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय हो सकती है।