लिसिका ग्रोवर
लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट से राकेश सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। हालांकि, उनके नाम की घोषणा के साथ ही इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने राकेश सिंह को फिरहाद हकीम के खिलाफ मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। इस घोषणा के साथ ही पहले से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
उम्मीदवार घोषित होते ही राकेश सिंह ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया और स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में राकेश सिंह पर मौलाली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में तोड़फोड़ और राहुल गांधी के पोस्टर पर स्याही फेंकने का आरोप लगा था। यह घटना कथित तौर पर एक राजनीतिक बयान के विरोध में हुई थी।
इस मामले के बाद राकेश सिंह कुछ समय तक फरार रहे थे और पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था। बाद में सितंबर में उन्हें तांगड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण में उनके कई समर्थकों को भी हिरासत में लिया गया था, जबकि उनके बेटे को भी गिरफ्तार कर बाद में जमानत दी गई थी।
इसके अलावा अक्टूबर में कोलकाता पुलिस ने उन्हें एक अन्य मामले में फिर गिरफ्तार किया था, जिसमें एक आवासीय परिसर में कथित हंगामा करने का आरोप शामिल था।
अब उन्हें भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में यह बहस तेज हो गई है कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे व्यक्ति को टिकट देने का निर्णय कितना उचित है।