लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
केतन हत्याकांड की जांच में एक नया पहलू सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले सिया ने कथित तौर पर केतन का मोबाइल फोन अपने पास लिया था। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या मोबाइल से किसी प्रकार के डिजिटल सबूत, चैट, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डेटा को हटाने की कोशिश की गई थी।
जांच अधिकारियों ने मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले या बाद में फोन से कोई डेटा डिलीट किया गया था या नहीं और यदि किया गया, तो उसे रिकवर किया जा सकता है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ रही है।
अधिकारियों के अनुसार, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल फोन से किसी तरह की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं। पुलिस ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।