लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 30 मई 2026 को हुए 18 महीने के मासूम आरव की हत्या के मामले में अदालत ने रिकॉर्ड समय में फैसला सुनाया। आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई गई। यह फैसला घटना के महज 40 दिन के भीतर आया, जिसे राज्य के सबसे तेज हत्या मुकदमों में से एक माना जा रहा है।
पुलिस जांच भी तेजी से पूरी की गई। घटना के सिर्फ 6 दिन बाद चार्जशीट दाखिल कर दी गई, जिससे मुकदमे की सुनवाई बिना देरी शुरू हो सकी। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाह और बचाव पक्ष का एक गवाह पेश हुआ। अदालत ने साक्ष्यों, गवाहों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को दोषी माना।
जांच के अनुसार, आरोपी मासूम आरव की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने बच्चे को अपने रास्ते की रुकावट मान लिया। वह बच्चे को टॉफी दिलाने के बहाने ले गया और सड़क पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी। इस पूरी घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था।
अभियोजन की त्वरित कार्रवाई, तेज जांच और समयबद्ध सुनवाई के चलते अदालत ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। इस फैसले को त्वरित न्याय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।