लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
शालू कुमारी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित जयपुर पोलो ग्राउंड की करीब 68 एकड़ जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। सरकार ने इस भूमि को अपने नियंत्रण में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके बाद संबंधित संस्थाओं और पक्षों ने इस कदम पर आपत्ति जताई है।
बताया जा रहा है कि यह जमीन लंबे समय से विभिन्न संस्थाओं के उपयोग में रही है। सरकार का दावा है कि भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसके उपयोग, स्वामित्व तथा लीज संबंधी शर्तों की समीक्षा के बाद इसे अपने कब्जे में लेने का निर्णय लिया गया है।
दूसरी ओर, संबंधित पक्षों का कहना है कि उनके पास भूमि के उपयोग से जुड़े वैध दस्तावेज और अधिकार मौजूद हैं। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त चर्चा और पारदर्शी प्रक्रिया के कार्रवाई की जा रही है।
यह विवाद अब प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मामले का अंतिम समाधान अदालत या संबंधित सरकारी प्राधिकरण के फैसले के बाद ही संभव होगा।
जयपुर पोलो ग्राउंड राजधानी दिल्ली का एक प्रमुख खेल और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। ऐसे में इस भूमि पर सरकारी कार्रवाई ने राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को भी जन्म दे दिया है।
फिलहाल संबंधित विभागों की ओर से आगे की प्रक्रिया जारी है और मामले पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।