लोकल न्यूज़ ऑफ़ इंडिया
ऋचा बर्नवाल
नई दिल्ली: भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए E100 यानी 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन को कानूनी मान्यता दे दी है। इस फैसले को देश की ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता को कम करना, आयात बिल में कटौती करना और किसानों को अतिरिक्त आय के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इथेनॉल उत्पादन में मुख्य रूप से गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों का उपयोग किया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि E100 ईंधन के व्यापक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में भी एक अहम कदम है।
हालांकि, ऑटोमोबाइल सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर को इस बदलाव के अनुसार ढालने की चुनौती भी सामने है। वाहनों और फ्यूल स्टेशनों को नए मानकों के अनुरूप अपडेट करने की आवश्यकता होगी।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में पायलट प्रोजेक्ट और चरणबद्ध तरीके से E100 ईंधन के उपयोग को बढ़ाया जाएगा।