निरमंड के नोर पंचायत का चार दशक पुराना भवन जलकर स्वाहा अब तैयार है हवा से बनी दुनिया की पहली कार्बन निगेटिव वोदका हर 5 में से 2 कर्मचारी तबीयत का बहाना लेकर लेते है बॉस से छुट्टी कमाल का बैलेंस : ये है बैलेंसराज जो किसी भी चीज को किसी पर भी बैलेंस करदे सिर्फ आतंक ही नहीं, एड्स जैसी बीमारी से भी गंभीर रूप से ग्रस्त है पाकिस्तान हार्दिक पांडया ने कही टीम मे अपनी वापसी को लेकर कुछ बाते जाने कब से ऑर क्यूँ मनाया जाता है World Human Rights Day डर लगता है पापा अब मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे तब उन्होंने प्याज की बढ़ती कीमतों पर चिंता की थी : शिव सेना परिजनों ओर पुलिस के उत्पीड़न मे शमी की सहमति : हसीन जहां फिल्म पानीपत को लेकर भडक उठे जाट, वर्ल्ड स्क्वैयर मॉल पर प्रदर्शन, फिल्म बन्द कराई रत्नो का खेल समझने वाले खिलाड़ी है आचार्य अजय शर्मा और रत्नो की बड़ी पाठशाला है उनका गंगाराम राशि रत्न केंद्र स्प्लिट्सविला मे आए गौरव आज गौरी बन बिखेरते है जलवे आखिर क्यूँ चर्चा मे वाराणसी का पहला समलैंगिक विवाह ? उपहार सिनेमा के बाद एक बार फिर झुलसी दिल्ली, 43 की मौत 629 लड़कियां चीन को बेच ऑर नीचे गिरा पाकिस्तान संस्कृति विवि में तीन दिवसीय एंटरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम में बोले अतिथि Bigg Boss 13: घर से बेघर होने के बाद देवोलीना ने खोला रश्मि का राज़ कर्नाटक में उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी प्रियंका चोपड़ा को मानवतावादी पुरस्कार मिलने पर पति निक जोंस ने जताई ख़ुशी

चमकी बुखार पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, बिहार और केंद्र दोनों से 10 दिन में मांगा जवाब

Deepak Chauhan 24-06-2019 12:39:32



बिहार में ‘चमकी बुखार’ का जो कहर शुरू हुआ है वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार इससे जुड़े मामले सामने आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा 152 तक पहुंच गया है. बुखार की वजह से मचे हाहाकार के बीच आज इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. चमकी बुखार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने सरकारों से तीन मुद्दे पर हलफनामा दायर करने को कहा है जिसमें हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का मामला है. अदालत की तरफ से कहा गया है कि ये मूल अधिकार हैं, जिन्हें मिलना ही चाहिए.

अदालत ने सरकारों से पूछा है कि क्या इनको लेकर कोई योजना लागू की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, वहां पर सुधार कैसे आया. अदालत ने इतना कहते ही दोनों सरकारों को दस दिन का समय दिया है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई थी कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं. साथ ही केंद्र सरकार को इस बारे में एक्शन लेने को कहा जाए.

बीते बुधवार को अदालत ने इस मामले पर सुनवाई को लेकर हामी भरी थी. मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी सिस्टम इस बुखार का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है.

गौरतलब है कि बिहार में बीते एक महीने से इसको लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इसका सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर में दिखा है. जहां अकेले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में अब तक 128 बच्चों की मौत हो चुकी है. एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) को दिमागी बुखार और चमकी बुखार के नाम से भी जाना जाता है.

जिस वक्त ये बुखार का मामला सामने आया, तभी मुजफ्फरपुर में अस्पताल के पीछे कुछ मानव कंकाल पाए गए थे. कुछ लोगों का दावा था कि अस्पताल के पिछले हिस्से में मानव कंकाल-हड्डियां देखने को मिली हैं, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मचा है. मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. मीडिया की ओर से जब भी उनसे सवाल दागा गया तो उन्होंने चुप्पी ही साधी उल्टा कुछ मौकों पर वह मीडिया पर ही बरसते हुए दिखे.

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :