चमकी बुखार पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, बिहार और केंद्र दोनों से 10 दिन में मांगा जवाब

हाथरस, बलरामपुर के बाद अब भदोही में भी दरिंदगी आई सामने IPL 2020: आज होगी क्रिस गेल की एंट्री! देखिए क्या होगी ड्रीम 11 टीम Bihar Election 2020: पिछले दो चुनावों में जिस गठबंधन में रहा जदयू SC का फैसला रद्द उड़ानों के यात्रियों को टिकट का पैसा होगा रिफंड अभिषेक बच्चन ने ड्रग्स पर ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले:एम्स की रिपोर्ट में सामने आए 3 बड़े सवाल अर्थव्यवस्था: सितंबर में निर्माण प्रक्रिया PMI साढ़े आठ साल के उच्च स्तर पर हाथरस के बाद अब बलरामपुर, आगरा, आजमगढ़, बागपत और बुलंदशहर में भी रेप IPL 2020:सैमसन के इस कैच की तारीफ की और याद किया सचिन तेंदुलकर ने अपना 1992 वर्ल्ड कप का दौर राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप कहा-पुलिस वालों ने मुझे धकेल के लाठी मारकर गिराया पीड़िता की पोस्टमॉर्टम तथा फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं-DGP प्रशांत कुमार पूर्व मंत्री राधाकृष्‍ण किशोर राजद में शामिल हुए राहुल-प्रियंका को एक्सप्रेस-वे पर गेस्ट हाउस में ले गई पुलिस Sarkari Naukri 2020:राजस्थान उच्च न्यायालय में निकली 1760 सरकारी नौकरियां रद्द उड़ानों के यात्रियों को रिफंड मिलेगा टिकट का पैसा होगा औरैया में साड़ी से लटके मिले एक महिला और तीन बच्चियों के शव बलरामपुर यौन दुष्कर्म मामले पर भड़की कृति सनन 'अनलॉक 5' में 15 अक्टूबर से खुलेंगे सिनेमाघर आखिर महेंद्र सिंह धोनी किस मनोरंजन प्रोजेक्ट पर कर रहे हैं काम? क्या PM मोदी अपने "प्रिय मित्र" का सम्मान करने के लिए एक और "नमस्ते ट्रम्प" रैली आयोजित करेंगे-चिदंबरम

चमकी बुखार पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, बिहार और केंद्र दोनों से 10 दिन में मांगा जवाब

Deepak Chauhan 24-06-2019 12:39:32

बिहार में ‘चमकी बुखार’ का जो कहर शुरू हुआ है वह थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार इससे जुड़े मामले सामने आ रहे हैं और मौतों का आंकड़ा 152 तक पहुंच गया है. बुखार की वजह से मचे हाहाकार के बीच आज इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. चमकी बुखार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने सरकारों से तीन मुद्दे पर हलफनामा दायर करने को कहा है जिसमें हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का मामला है. अदालत की तरफ से कहा गया है कि ये मूल अधिकार हैं, जिन्हें मिलना ही चाहिए.

अदालत ने सरकारों से पूछा है कि क्या इनको लेकर कोई योजना लागू की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, वहां पर सुधार कैसे आया. अदालत ने इतना कहते ही दोनों सरकारों को दस दिन का समय दिया है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई थी कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं. साथ ही केंद्र सरकार को इस बारे में एक्शन लेने को कहा जाए.

बीते बुधवार को अदालत ने इस मामले पर सुनवाई को लेकर हामी भरी थी. मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी सिस्टम इस बुखार का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है.

गौरतलब है कि बिहार में बीते एक महीने से इसको लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इसका सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर में दिखा है. जहां अकेले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में अब तक 128 बच्चों की मौत हो चुकी है. एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) को दिमागी बुखार और चमकी बुखार के नाम से भी जाना जाता है.

जिस वक्त ये बुखार का मामला सामने आया, तभी मुजफ्फरपुर में अस्पताल के पीछे कुछ मानव कंकाल पाए गए थे. कुछ लोगों का दावा था कि अस्पताल के पिछले हिस्से में मानव कंकाल-हड्डियां देखने को मिली हैं, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मचा है. मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. मीडिया की ओर से जब भी उनसे सवाल दागा गया तो उन्होंने चुप्पी ही साधी उल्टा कुछ मौकों पर वह मीडिया पर ही बरसते हुए दिखे.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :