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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्रा के सम्मान में नहीं चली सलामी की एक भी बन्दुक

21 पुलिस जवानों को 10-10 राउंड फायर करने थे। यानी, कुल 210 बुलेट छोड़ी जानी थीं। पहले तो लगातार राइफल का ट्रिगर दबाते जवान अकबकाए, फिर बुलेट को नहीं छूटते देख वहां मौजूद सभी लोग हक्के-बक्के रह गए। पुलिस की भारी किरकिरी हुई।

Deepak Chauhan 22-08-2019 14:10:53



 बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्रा की अंत्येष्टि से पहले गार्ड ऑफ ऑनर देने में पुलिस की 21 राइफलों से एक भी बुलेट नहीं छूटी। 21 पुलिस जवानों को 10-10 राउंड फायर करने थे। यानी, कुल 210 बुलेट छोड़ी जानी थीं। पहले तो लगातार राइफल का ट्रिगर दबाते जवान अकबकाए, फिर बुलेट को नहीं छूटते देख वहां मौजूद सभी लोग हक्के-बक्के रह गए। पुलिस की भारी किरकिरी हुई।

अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी भी मौजूद थे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने पुष्पचक्र अर्पित किया। इसके ठीक बाद शोक धुन बजी और पहले से कतार में खड़े पुलिस के 21 सशस्त्र जवान सलामी देने लगे। लेकिन बार-बार ट्रिगर दबाने पर भी बुलेट नहीं छूटी। पहले सबने अपनी-अपनी राइफल देखी, कई बार चेक की, फिर सब एक-दूसरे को देखने लगे। अंतत: इसी रस्म काे गार्ड ऑफ ऑनर मानकर डॉ. मिश्रा की अंत्येष्टि की गई। अंतिम संस्कार पैतृक गांव बलुआ बाजार में राजकीय सम्मान के साथ हुआ। लंबे समय से बीमार चल रहे मिश्रा का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया था। 

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