नाक से दी जाने वाली वैक्सीन का देश में फाइनल ट्रायल जल्द

Truecaller जैसा ऐप लॉन्च कर सकती है गूगल राहुल गांधी ने कोरोना वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी से पूछे सवाल रोशनी जमीन घोटाला में कांग्रेस-पीडीपी समेत NC नेता शामिल सोने की कीमतों में आया उछाल, चांदी में गिरावट दिसंबर से फिर पड़ेगा आपकी जेब पर असर बीमारियों में बैंगन खाने से करें परहेज अहमदाबाद में कर्फ्यू हटते ही आम दिनों की तरह हलचल हुई शुरू राहुल पर निशाना साधने वाले कांग्रेसी पहले आईना देखें- अधीर रंजन कोरोना काल के साथ साथ नहीं मिल रही है महंगाई में राहत ड्रग्स केस: कॉमेडियन भारती सिंह और पति हर्ष को मिली जमानत हिमाचल से भी ठंडा राजस्थान का माउंट आबू Big Boss14-घर से बेघर हुए जान ने शो के कंटेस्टेंट्स की खोली पोल मेट्रो में मास्क नहीं लगाने पर 250 रुपये देना होगा जुर्माना भारत में बन रही ऑक्सफोर्ड की कोवीशील्ड 90% तक असरदार राज्यसभा चुनाव के लिए BJP के सामने पासवान की जगह कौन Drugs case: भारती और उनके पति हर्ष को मिली मुंबई कोर्ट से जमानत ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ के विजेता बने अजय सिंह यूपी में शादी समारोहों में 100 लोग ही हो सकेंगे शामिल अली संग नए अपार्टमेंट में शिफ्ट हुई रिचा चड्ढा धवन के साथ दूसरा ओपनर के लिए मयंक और शुभमन रेस में

नाक से दी जाने वाली वैक्सीन का देश में फाइनल ट्रायल जल्द

Anjali Yadav 19-10-2020 14:52:09

अंजलि यादव,

लोकल न्यूज ऑफ इंडिया,



नई दिल्ली: दुनिया के 210 से ज्यादा देश वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे हैं. इसके इलाज के लिए दवाएं और अन्य उपचार मौजूद तो हो गए हैं, लेकिन इससे बचाव के लिए दुनियाभर के देशों को एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन का इंतजार है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, जो वैक्सीन कैंडिडेट्स अंतिम चरण के ट्रायल से गुजर रहे हैं, वे सभी इंजेक्शन से लगाई जानी वाली वैक्सीन हैं.



देशों के वैज्ञानिक वैक्सीन पर कर रहे काम

हालांकि आपको बता दें कि नाक के जरिए दी जाने वाली वैक्सीन पर भी कुछ देशों के वैज्ञानिक काम कर रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, चूंकि कोरोना का संक्रमण नाक, मुंह आदि के जरिए ही शरीर में प्रवेश करने पर होता है और हमारी श्वास नली में वायरस बहुत तेजी से अपनी संख्या बढ़ाता है, इसलिए नाक से दी जाने वाली वैक्सीन असरदार साबित होगी. नेजल वैक्सीन पर बड़ी अपडेट यह है कि जल्द ही इसका भारत में ट्रायल होने जा रहा है.



वायरस के मामलों में आ रही कमी

बताया जाता है कि देश में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आ रही है. हालांकि सर्दियों में इसका संक्रमण बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है. लेकिन राहत की बात यह है कि हम वैक्सीन पर सफलता के करीब भी पहुंच चुके हैं और उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में देश में एक कारगर और सुरक्षित वैक्सीन उपलब्ध होगी. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि भारत में जल्द ही अंतिम चरण के ट्रायल शुरू होंगे.



देश में वैक्सीन का आखिरी ट्रायल शुरू

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि आने वाले महीनों में देश में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक इंट्रानैजल कोरोना वैक्सीन का आखिरी ट्रायल शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत में एक भी इंट्रानैजल कोरोना वैक्सीन का ट्रायल नहीं चल रहा है, लेकिन आने वाले महीनों में मंजूरी के बाद सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया या भारत बायोटेक द्वारा ऐसे टीकों के क्लीनिकल ट्रायल किए जाने की संभावना है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आमतौर पर अंतिम चरण के परीक्षण में हजारों प्रतिभागी शामिल होते हैं. कभी-कभी 30 से 40 हजार लोग भी होते है. बता दें कि भारत में रूस की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल की मंजूरी मिल चुकी है. हैदराबाद की कंपनी डॉ. रेड्डीज लैब. ने पहले भी अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षित डाटा के अभाव में अनुमति नहीं दी गई थी. भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई की इजाजत के बाद कंपनी जल्द ही ट्रायल शुरू करने वाली है.



रूस ने दूसरी वैक्सीन को भी दी मंजूरी

वैक्सीन की प्रगति और सफलता की बात की जाए तो रूस ने दूसरी वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी है, जबकि तीसरी वैक्सीन भी बना लेने का दावा किया जा रहा है. खबरों के मुताबिक, रूस में लोगों को वैक्सीन लगाया जाना शुरू हो चुका है. चीन में भी उच्च जोखिम समूहों के लिए वैक्सीन की बिक्री शुरू कर दी गई है. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे देश भी वैक्सीन पर सफलता के करीब पहुंच चुके हैं.

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :