निरमंड के नोर पंचायत का चार दशक पुराना भवन जलकर स्वाहा अब तैयार है हवा से बनी दुनिया की पहली कार्बन निगेटिव वोदका हर 5 में से 2 कर्मचारी तबीयत का बहाना लेकर लेते है बॉस से छुट्टी कमाल का बैलेंस : ये है बैलेंसराज जो किसी भी चीज को किसी पर भी बैलेंस करदे सिर्फ आतंक ही नहीं, एड्स जैसी बीमारी से भी गंभीर रूप से ग्रस्त है पाकिस्तान हार्दिक पांडया ने कही टीम मे अपनी वापसी को लेकर कुछ बाते जाने कब से ऑर क्यूँ मनाया जाता है World Human Rights Day डर लगता है पापा अब मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे तब उन्होंने प्याज की बढ़ती कीमतों पर चिंता की थी : शिव सेना परिजनों ओर पुलिस के उत्पीड़न मे शमी की सहमति : हसीन जहां फिल्म पानीपत को लेकर भडक उठे जाट, वर्ल्ड स्क्वैयर मॉल पर प्रदर्शन, फिल्म बन्द कराई रत्नो का खेल समझने वाले खिलाड़ी है आचार्य अजय शर्मा और रत्नो की बड़ी पाठशाला है उनका गंगाराम राशि रत्न केंद्र स्प्लिट्सविला मे आए गौरव आज गौरी बन बिखेरते है जलवे आखिर क्यूँ चर्चा मे वाराणसी का पहला समलैंगिक विवाह ? उपहार सिनेमा के बाद एक बार फिर झुलसी दिल्ली, 43 की मौत 629 लड़कियां चीन को बेच ऑर नीचे गिरा पाकिस्तान संस्कृति विवि में तीन दिवसीय एंटरप्रिन्योरशिप प्रोग्राम में बोले अतिथि Bigg Boss 13: घर से बेघर होने के बाद देवोलीना ने खोला रश्मि का राज़ कर्नाटक में उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी प्रियंका चोपड़ा को मानवतावादी पुरस्कार मिलने पर पति निक जोंस ने जताई ख़ुशी

पालतू जानवरों के साथ वक्त बिताने से कम होता है तनाव

Khushboo Diwakar 18-07-2019 13:14:23



  • वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 249 कॉलेज छात्रों पर अध्ययन किया

  • जिन स्टूडेंट्स ने कुत्ते बिल्लियों के साथ समय बिताया उनमें कॉर्टिसोल हार्मोन में कमी दिखी, यह तनाव पैदा करने वाला एक अहम हार्मोन है

     पालतू जानवरों के साथ वक्त बिताने से न सिर्फ कॉलेज स्टूडेंट्स का मूड अच्छा होता है, बल्कि उनका स्ट्रेस लेवल भी कम होता है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। अक्सर स्टूडेंट्स पढ़ाई और एग्जाम्स के दौरान तनाव में आ जाते हैं। इसी को लेकर वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया।

    कई यूनिवर्सिटीज ने 'पेट योर स्ट्रेस अवे' प्रोग्राम शुरू किए हैं, जहां आकर स्टूडेंट्स कुत्ते और बिल्लियों के साथ खेल सकते थे। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर पेट्रीसिया पेंड्री ने बताया कि उन्होंने अध्ययन में पाया कि इन पालतुओं के साथ महज 10 मिनट रहने से भी हेल्थ में काफी फर्क पड़ सकता है। अध्ययन में जिन स्टूडेंट्स ने कुत्ते और बिल्लियों के साथ समय बिताया उनमें कॉर्टिसोल हार्मोन में कमी पाई गई। यह तनाव पैदा करने वाला एक अहम हार्मोन है।


    पेट्स के साथ कॉलेज स्टूडेंट्स का हो मूड हो जाता है अच्छा 

    • इस अध्ययन में 249 कॉलेज छात्रों को शामिल किया गया था, जिन्हें चार ग्रुपों में बांट दिया था। अध्ययनकर्त्ताओं ने पहले ग्रुप के स्टूडेंट्स को कुत्ते और बिल्लियों के साथ 10 मिनट का समय बिताने को दिया गया जबकि दूसरे ग्रुप के स्टूडेंट्स को पहले ग्रुप को पेट्स के साथ खेलते हुए देखने को कहा।
    • वहीं, तीसरे ग्रुप को उन पेट्स की फोटो के स्लाइड शोज दिखाए गए और चौथे को सिर्फ इंतजार करने को कहा। इसके बाद सभी स्टूडेंट्स के सेलाइवा (लार) के सैंपल लिए गए जिसमें यह पता चला कि जिन छात्रों ने जानवरों के साथ समय बिताया यानी पहले ग्रुप के स्टूडेंट्स की लार में कॉर्टिसोल का स्तर बहुत कम था। पेंड्री ने कहा कि इस तरह वक्त बिताने से स्टूडेंट्स के स्ट्रेस हॉर्मोन में कमी होने से उनकी मेंटल हेल्थ को फायदा मिलता है।

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :