दिल्ली सरकार का एलान मौसम साफ अब ऑड -इवन की जरूरत नहीं रहमनुल्लाह की तूफानी पारी के साथ अफगानिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराया बंगलादेश में 9 गुना महंगी हुई प्याज,दूसरे देशो से आयात करने की पड़ी जरुरत। फीफा वर्ल्ड कप क्वालीफायर में भारत का एक और ड्रा झड़ते बालों की समस्या, रोकने में मदद करेंगे ये आसान टिप्स बोनी फाई को-एड सी सेकेंडरी विद्यालय का वार्षिक खेल दिवस 2019 अगर आपकी भी होना चाहती है पतली तो बस इन आसान तरीको से करें डाइटिंग सरकार का ठेके कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला अधिकारियों-कर्मचारियों,और बच्चों समेत सभी ने नशे को खत्म करने की ली शपथ क्या कॉमनट्री बॉक्स तक ही सीमित है गौतम गंभीर की प्रदूषण को लेकर गंभीरता पति 1 पत्नियां 39, कितना बड़ा होगा परिवार क्या आप जानते है दुनिया का सबसे लम्बा इंसान 2 फीट 0.6 इंच वाली महिला की कहानी महिला T-20 जेमिमह ने दिखाया कमाल जोरदार भूकंप के बाद इंडोनेशिया में अब सुनामी का खतरा क्या दिल्ली है रेप का केपिटल ? आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 6 साल के बच्चे कि सांभर की कड़ाही में गिरने से मौत राजनाथ पहुंचे अरुणाचल के बुमला पोस्ट पर बोले भारत और चीन सीमा पर तनाव नहीं नोएडा: पार्क में लड़की के साथ हुआ गैंगरेप, चार आरोपी गिरफ्तार, दो हुए फरार कटरीना कैफ-विक्की कौशल सामने आये दोनों के अफेयर के चर्चे

प्लास्टिक कचरे से बने दुनिया के सबसे बड़े चरखे का अनावरण

उत्तर प्रदेश के नोएडा प्राधिकरण ने इसे बनाया है। यह 14 फीट लंबा और 8 फीट चौड़ा है। कुल 1650 किलो वजनी चरखे को नोएडा के सेक्टर-94 स्थित महामाया फ्लाईओवर के पास ग्रीन एरिया में लगाया गया है।

Deepak Chauhan 13-10-2019 13:48:27



1250 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से बने दुनिया के सबसे बड़े चरखे का अनावरण किया गया। उत्तर प्रदेश के नोएडा प्राधिकरण ने इसे बनाया है। यह 14 फीट लंबा और 8 फीट चौड़ा है। कुल 1650 किलो वजनी चरखे को नोएडा के सेक्टर-94 स्थित महामाया फ्लाईओवर के पास ग्रीन एरिया में लगाया गया है। 

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, चरखा गांधीजी के सपने स्वदेशी का प्रतीक है। प्राधिकरण की सीईओ रितु महेश्वरी ने कहा, यह लोगों में प्लास्टिक के सही उपयोग के प्रति जागरुकता लाने के लिए है।

नासिक में 6 महीने में बापू का धातु शिल्प आर्ट बनाया

महाराष्ट्र के नासिक में सबसे बड़ा धातु शिल्प आर्ट (इल्यूजन स्कल्पचर आर्ट) तैयार किया गया है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर इसका लोकार्पण किया जाएगा। दावा है कि भारत में पहली बार शिल्प धातु से इस प्रकार का स्कल्पचर तैयार किया गया है। इसे 6 माह में बनाया गया है। इसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :