बिहार में गुरुवार को 83 लोगों पर कहर बन कर टूटी आसमानी बिजली

अब यूरिन की जांच से भी पता लगाया जा सकता है कोरोना संक्रमण का PM मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला मुकेश खन्ना ने 'LAXMI BOMB' के नाम पर उठाए सवाल वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार का नया कानून मोदी सरकार के नए कानून से भड़कीं महबूबा CM त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ CBI जांच के हाईकोर्ट के आदेश पर SC ने लगाई रोक Covid-19 के कारण रजनीकांत की राजनीति में एंट्री में देरी वाली चिट्ठी हुई लीक टॉयलेट को सपा के रंग में रंगने पर भड़का सपाइयों का गुस्‍सा क्या दिल्ली में फिर उठ रही है कोरोना की लहर मुंगेर में भक्तों पर लाठीचार्ज से गुस्साई भीड़ मेट्रो की तरफ से NCR के लाखों यात्रियों के लिए खुशखबरी 79 साल की उम्र में शुरू किया चाय मसाले का बिजनेस, हररोज मिल रहे है 800 ऑर्डर AAP के चार विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज आइए जानते है क्या है मामला मोदी सरकार का नया कानून-J & K में ऐसे खरीद सकते हैं जमीन मनोज तिवारी के हेलीकॉप्‍टर की तकनीकी खराबी के कारण करवाई गई इमरजेंसी लैंडिंग UP- कांग्रेस को लगा बड़ा झटका,पूर्व सांसद अन्नू टंडन का पार्टी से इस्तीफा The White Tiger का ट्रेलर हुआ रिलीज गुजरात-पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का सांस की तकलीफ के चलते हुआ निधन IPL 2020 MI vs RCB: 2011 में सूर्यकुमार यादव पर किया रोहित शर्मा का ट्वीट हुआ वायरल बिग बॉस ने लगाई जान कुमार सानू को फटकार

बिहार में गुरुवार को 83 लोगों पर कहर बन कर टूटी आसमानी बिजली

Deepak Chauhan 25-06-2020 19:19:35

बिहार में गुरुवार को आसमानी बिजली कहर बन कर टूटी। 83 लोगों की जिंदगी लील गई। लगभग डेढ़ दर्जन जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से लगभग 40 लोग झुलस कर घायल भी हुए हैं। इनमें कई की हालत गंभीर है।

सबसे अधिक लोगों की जान गोपालगंज जिले में गई। यहां ठनका गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं मधुबनी में दंपती सहित आठ लोग ठनका की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे। 

उत्तर बिहार में 22 लोगों की मौत हुई है। लगभग दर्जन भर लोग झुलस गये जिनका अभी विभिन्न जगहों पर इलाज चल रहा है। 

चंपारण और मिथिलांचल में सर्वाधिक मौतें हुईं। मधुबनी में आठ, मोतिहारी और दरभंगा में ठनका गिरने से चार-चार लोगों की मौत हो गई। बेतिया और समस्तीपुर में दो-दो, सीतामढ़ी में एक और शिवहर में एक मौत हुई।

वहीं कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में वज्रपात से 17 लोगों को मौत हो गयी, जबकि नौ लोग घायल हैं। सबसे ज्यादा बांका में पांच लोगों की मौत हुई, पूर्णिया में तीन, जबकि सुपौल और खगड़िया में दो-दो लोगों की जान गई। इसके अलावा सहरसा, मधेपुरा, किशनगंज, जमुई और भागलपुर जिले में वज्रपात से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं ठनका की चपेट में आने से खगड़िया में सात और किशनगंज तथा भागलपुर में एक-एक व्यक्ति घायल हैं।

वहीं, नवादा के वारिसलीगंज में चार सहित आठ, सीवान में अलग-अलग जगहों पर तीन और औरंगाबाद  जिले के हसपुरा प्रखंड में ठनका गिरने से तीन की मौत हुई। जबकि जहानाबाद के मखदुमपुर और छपरा के  बनियापुर स्थित तख्त भिठी में ठनका गिरने से एक छात्रा की मौत हो गई। 

 

मधुबनी में पति-पत्नी व पिता-पुत्र-बहू की गई जान

भारी बारिश के बीच वज्रपात ने मधुबनी जिले में दो परिवारों को उजाड़ दिया। यहां घोघरडीहा में खेत में काम कर रहे पति-पत्नी की मौत ठनका गिरने से हो गई। वहीं, फुलपरास में एक ही परिवार के पिता, पुत्र व बहू की दर्दनाक मौत हो गई। 



वज्रपात से ऐसे करें बचाव

- बिजली कड़कने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े न रहें

- बिजली के खंभों और ऊंचे वृक्षों से दूर ही रहें

- जल्द से जल्द किसी मकान में आश्रय लें 

- लोहे की वस्तुओं से भी पर्याप्त दूरी बनाए रखें

- बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करें

- खुले अथवा खेतों में मोबाइल उपयोग न करें

- ऊंची इमारत अथवा पहाड़ की चोटी पर खड़े न रहें

- तालाब या नदी में तैर या नहा रहे हों तो जमीन बाहर निकल आएं

-सिर के बाल खड़े हो रहे हों तो आसपास खतरा हो सकता है, बचें

- अपने हाथों से बालों को ढंककर सिर घुटनों में छुपाकर बैठ जाएं

- भवनों, सार्वजनिक इमारतों पर तड़ितचालक अवश्य लगाएं

  • |

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :