लॉकडाउन 5 में कल से चालू होगा उत्तर प्रदेश ISI के संपर्क में पाकिस्तानी उच्चायोग के दो वीजा सहायकों को दिल्ली पकड़ा भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या जल्द बनेंगे पापा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के लिए 40 हजार से अधिक बुलेट प्रूफ जैकेट की मंजूरी दिल्ली सरकार की गरीबी पर केजरीवाल पर तंज़ कसते कुमार विश्वास दिल्ली में टूटा कोरोना रिकॉर्ड आज मिले 1295 नए मरीज, 20 हजार के करीब पहुंचा आंकड़ा अल्ट्राटेक सीमेंट वर्क्स डाला के सौजन्य से मजदूरों को वितरित किया गया राशन किट कोरोना चपेट में आये उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज आकाशीय बिजली के चपेट में आने से एक युवक जख्मी लॉकडाउन 5.0 के अनलॉक 1 मे कुछ यूं होगी उत्तर प्रदेश में निर्देश 30 जून तक हुआ बिहार का लॉकडाउन कोरोना के चलते दिल्ली सरकार की दिख रही गरीबाई, केंद्र से कर रही मदद की गुहार अब 10 की बजाए 11 संख्या का हो सकता है आपका मोबाइल नंबर अखिलेश हो या योगी सरकार वनकर्मी और वन माफिया है सब पर भारी मन की बात: योग और आयुर्वेद, हॉलिवुड से हरिद्वार तक कोरोना संकट मे योग को गंभीरता से ले रहे लोग लॉकडाउन-5: 8 जून से धार्मिक स्थल और शॉपिंग मॉल खुलेंगे स्कूल-कॉलेज को जुलाई मे खोलने पर विचार, मेट्रो भी हो सकती है शुरू उसके बाद 1 जून से 'लॉकडाउन' अनलॉक, दूसरे राज्यों से आने जाने में नहीं होगी दिक्कत कुछ इस प्रकार का होगा लॉकडाउन 5.0 का रंग रूप लॉकडाउन 5.0 की घोषणा, कंटेनमेंट जोन को छोड़ सभी चीजों को खोलने की इजाजत

Makar Sankranti 2020: श्रद्धा, उल्लास और पंरपरा का त्यौहार है मकर संक्रांति

मकर संक्रांति पर स्नान, दान के साथ भगवान सूर्य की पूजा का विशेष महत्व होता है। पंरपराओं के अनुसार आज सूर्य उत्तरायण होता है और मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी के साथ ही एक महीने से चला आ रहा खरमास का समाप्त होगा और शादी-विवाह समेत

Deepak Chauhan 15-01-2020 13:02:43



देशभर में आज मकर संक्रांति श्रद्धा, उल्लास और पंरपरा के अनुसार मनाया जा रहा है। हालांकि, कई जगह इस कल भी मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अलग-अलग नामों से जानते हैं। सूर्य भगवान को समर्पित इस त्योहार पर लोग नदियों में पवित्र स्नान करते हैं। मकर संक्रांति पर स्नान, दान के साथ भगवान सूर्य की पूजा का विशेष महत्व होता है। पंरपराओं  के अनुसार आज सूर्य उत्तरायण होता है और मकर राशि में प्रवेश करता है। इसी के साथ ही एक महीने से चला आ रहा खरमास का समाप्त होगा और शादी-विवाह समेत मांगलिक कार्य शुरू होंगे। 


देश के विभिन्न स्थानों पर कई मेले लगते हैं

सूर्य की पूजा और काले तिल और गुड़ का उपयोग भी त्योहार का अभिन्न अंग है। मकर संक्रांति को मनाने के लिए देश के विभिन्न स्थानों पर कई मेले लगते हैं। हर 12 साल में हरिद्वार, प्रयाग (प्रयागराज), उज्जैन या नासिक में कुंभ मेला आयोजित होता है।


मकर संक्रांति के दौरान आयोजित होने वाले कुछ मेले

मकर संक्रांति के दौरान आयोजित होने वाले कुछ मेले में प्रयाग में माघ मेला, बंगाल में गंगासागर मेला, ओडिशा में मकर मेला, झारखंड और पश्चिम बंगाल का टुसू मेला और पश्चिम बंगाल में शांतिनिकेतन का पौष मेला शामिल हैं। मकर संक्रांति देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है।

तमिलनाडु में मकर संक्रांति पोंगल के रूप में मनाया जाता है, यह चार दिवसीय त्योहार है जिसे भोगी पंडिगल, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कन्नुम पोंगल में विभाजित किया गया है। राजस्थान में सकरात या मकर संक्रांति के रूप में जाना जाता है, इस दिन को विशेष राजस्थानी व्यंजनों और मिठाइयों जैसे फेनी, तिल-पट्टी, गजक, खीर, घेवर, पकोड़ी, पुवा और तिल-लड्डू के साथ मनाया जाता है। लोग पतंगबाजी में भी शामिल होते हैं।


उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में इसे खिचड़ी नाम से जानते हैं

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में इसे खिचड़ी नाम से जानते हैं। इसमें एक अनुष्ठान स्नान शामिल है, जिसे देखने के लिए लाखों लोग उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और वाराणसी और उत्तराखंड के हरिद्वार में इकट्ठा होते हैं। तिल के लड्डू और गुड़ के लड्डू के साथ-साथ नए कपड़े पहनना भी त्योहार का एक अभिन्न अंग है। पतंगबाजी यहां भी एक अनिवार्य हिस्सा है।


लोग पतंग उड़ाकर जश्न मनाते हैं

बिहार और झारखंड में भी इसे खिचड़ी कहते हैं। इसे चुरा, गुड़, तिल, तिलवा जैसे व्यंजनों के साथ मनाया जाता है। लोग अपने दिन की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ करते हैं। उसके बाद लोग दही चुरा का आनंद लेते हैं।गुजरात में उत्तरायण नाम से इसे दो दिनों तक मनाया जाता है और आमतौर पर लोग पतंग उड़ाकर जश्न मनाते हैं। असम में इसे माघ बिहू और भोगली बिहू कहा जाता है। पश्चिम बंगाल में इसे संक्रांति और पौष संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :