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यूनिवर्सिटी से 93 की उम्र में मास्टर डिग्री ले सबसे उम्रदराज छात्र बने

सिवासुब्रमण्यन ने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों ने मुझे मेरे जुनून से दूर रखा, लेकिन 87 साल की उम्र में मुझे मौका मिल ही गया। 1940 में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मैं पढ़ाई जारी रखना चाहता था, लेकिन इसके लिए त्रिची या चेन्नई जाना पड़ता।

Deepak Chauhan 21-02-2020 19:59:59



93 साल के सीआई सिवासुब्रमण्यन ने मंगलवार को इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के दीक्षांत समारोह में लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री ली। वे इस समारोह में यूनिवर्सिटी के सबसे उम्रदराज छात्र थे। मास्टर डिग्री के बाद अब वे एमफिल की पढ़ाई करना चाहते हैं। छात्रों को डिग्री बांटने पहुंचे मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल “निशंक’ ने उन्हें 90 साल का “युवा’ कहा।

सिवासुब्रमण्यन ने कहा कि पारिवारिक जिम्मेदारियों ने मुझे मेरे जुनून से दूर रखा, लेकिन 87 साल की उम्र में मुझे मौका मिल ही गया। 1940 में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मैं पढ़ाई जारी रखना चाहता था, लेकिन इसके लिए त्रिची या चेन्नई जाना पड़ता। इस बीच मेरे माता-पिता बीमार पड़ गए और मुझे उनकी देखभाल के लिए घर पर ही रुकना पड़ा। मैंने वहीं एक नौकरी खोजी और काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद परिवार दिल्ली चला आया और मुझे वाणिज्य मंत्रालय में क्लर्क की नौकरी मिल गई। विभागीय परीक्षा देते-देते निदेशक बन गया और 1986 में 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हुए। हालांकि, मेरा ग्रेजुएशन का सपना अधूरा था।

यूएन के कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाए क्योंकि ग्रेजुएट नहीं थे 

सिवासुब्रमण्यन ने बताया, उन्हें संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका भी मिला था, लेकिन वे ग्रेजुएट नहीं थे इसलिए नहीं जा पाए। सेवानिवृत्त होने के बाद भी पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते पढ़ाई शुरू नहीं कर पाए। उनके तीन बेटे और एक लड़का है। सभी प्रतिष्ठित पदों से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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